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जौनपुर में चक्रवाती असर और करवा चौथ: बादलों के बीच चांद न दिखे तो कैसे खोलें व्रत, जानिए आसान और प्रभावी उपाय

#JAUNPUR
जौनपुर: अर्नब चक्रवात (तूफान) का असर अब जौनपुर जनपद समेत पूरे अंचल में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रिमझिम फुहारों व बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है। एक तरफ जहां मौसम के इस मिजाज से किसानों के चेहरों पर पकी हुई धान की फसल को लेकर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं, वहीं दूसरी तरफ आज करवा चौथ का व्रत रख रही सुहागिन महिलाओं के मन में यह संशय बना हुआ है कि अगर शाम को बादलों के कारण चांद के दर्शन नहीं हुए, तो वे अपना व्रत कैसे पूरा करेंगी  यदि आपके क्षेत्र में भी घने बादलों या बारिश के कारण चांद नजर नहीं आ रहा है, तो आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। शास्त्रों और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार कुछ विशेष और सरल विकल्प अपनाकर व्रत को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है:
1. शिव परिवार की पूजा और चंद्र दर्शन
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित हैं। ऐसी स्थिति में यदि आसमान में चांद बादलों की ओट में छिपा हो, तो सुहागिनें भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय जी की विधि-विधान से पूजा कर सकती हैं। शिवजी के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा का मानसिक ध्यान कर व्रत पूर्ण किया जा सकता है।
2. प्रज्वलित दीपक से करें पूजा

यदि बादलों के कारण चन्द्रोदय के समय चांद के दर्शन असंभव हो जाएं, तो पूजा की थाली में एक शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। उस दीपक की ज्योति को ही चंद्रमा का प्रतीक मानकर उसकी पूजा करें और अपने पति की दीर्घायु व अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए अर्घ्य अर्पित करें।

3. चावल या आटे से बनाएं चंद्रमा का प्रतीक

ज्योतिषीय और पारंपरिक उपायों के तहत, आप किसी साफ चौकी या थाली पर चावल या थोड़े से आटे से चंद्रमा का एक छोटा सा आकार (प्रतीक) बना सकती हैं। इसके बाद इस प्रतीकात्मक चंद्रमा की रोली, अक्षत और पुष्प अर्पित करके पूजा करें और व्रत खोलें।

4. चांदी के सिक्के का लें सहारा

यदि आकाश बादलों से ढका है, तो आप घर में रखे चांदी के किसी शुद्ध सिक्के को एक थाली में रखें। उस सिक्के की पूजा करें, उस पर रोली-तिलक लगाएं और उसे चांद मानकर अर्घ्य दें। मान्यताओं के अनुसार चांदी को चंद्रमा का ही रूप माना जाता है।

5. वीडियो कॉल के जरिए करें चांद के दर्शन

आज के आधुनिक और डिजिटल दौर में तकनीकी मदद भी ली जा सकती है। यदि जौनपुर या आसपास के इलाकों में बादल छाए हैं, तो आप देश या प्रदेश के किसी ऐसे रिश्तेदार, परिचित या मित्र को वीडियो कॉल कर सकती हैं जहां आसमान बिल्कुल साफ हो और चांद स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा हो। आप मोबाइल स्क्रीन पर ही चांद के दर्शन कर अपना व्रत संपन्न कर सकती हैं।

यदि आपके यहाँ भी मौसम खराब है और बादल छाए हुए हैं, तो इनमें से किसी भी पारंपरिक या सुगम विकल्प को अपनाकर आप बिना किसी चिंता के अपना करवा चौथ का पावन व्रत पूरा कर सकती हैं।