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सांता का नहीं,सनातनियों का देश है भारत : जयसिंह राजपूत

 #JNP 
Beer Bahadur Singh
गौराबादशाहपुर,जौनपुर। हमारा देश हिंदू धर्म के मान्यताओं, परंपराओं संस्कृतियों और सभ्यताओं पर आधारित है यहां के लोग पेड़-पौधे, नदियों,पृथ्वी, पहाड़,जल आदि सभी को धर्म से जोड़कर देखते हैं उनका आदर और सम्मान करते हैं, हिंदू धर्म की मान्यताओं एवं परंपराओं के अनुसार 25 दिसंबर से दिन बड़ा होने लगता है, आज के दिन अपने बच्चों को शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान देने के बजाय लोग सांता बनाने का कार्य कर रहे हैं,यह अत्यंत ही गंभीर विषय है,इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है कि,यह देश गौ मांस खाने वाले शांता का नहीं सनातनियों का देश है,इस भारत की पावन धरती पर संत कबीर,रविदास शंकराचार्य,तुलसीदास,महात्मा बुद्ध जैसे तमाम संतो का अवतरण हुआ है,यह धरती धर्म की धरती है इस इस पर क्रिसमस ट्री की जगह तुलसी माता का वृक्ष लगाए,पाश्चात्य सभ्यता को छोड़कर अपनी पावन संस्कृति और सभ्यता को अपनाएं,क्रिसमस डे की बधाई ना देकर अपने धर्म और परंपरा को आगे बढ़ते हुए आज के दिन धार्मिक व्रत अनुष्ठान करके इस देश की धर्म,परंपरा,संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ने का कार्य करें,जिससे आने वाली पीढ़ी पर पश्चात सभ्यता और संस्कृति का दुष्प्रभाव ना पड़ सके।