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मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन आदर्श समाज में शांति और धर्म के प्रतीक : सीओ प्रतिमा वर्मा

#Jnp

शाहगंज/जौनपुर। श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में नई आबादी स्थित भव्य रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन त्रेता युग के मार्मिक प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। राजा दशरथ के दाह संस्कार के शोकपूर्ण प्रसंग से शुरू हुए कार्यक्रम में भरत-निषादराज संवाद, चित्रकूट गमन और भावुक भरत-राम मिलन के दृश्यों ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।

समिति के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल के संरक्षण में हुए इस आयोजन में जब भरत जी ने प्रभु श्रीराम की पवित्र चरण पादुकाओं को सिर पर धारण कर अयोध्या के लिए प्रस्थान किया, तो पूरा पंडाल 'जय श्री राम' के जयकारों से गूंज उठा।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्राधिकारी (CO) प्रतिमा वर्मा ने माता जानकी और प्रभु श्रीराम की आरती उतारकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन-चरित्र और उनके आदर्श आज के समाज में शांति, न्याय, मर्यादा और धर्म के सबसे बड़े प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे की मजबूत नींव पड़ती है।

कार्यक्रम के दौरान समिति के सभी पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।