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Beer Bahadur Singh/ Saroj Singh
जौनपुर: जौनपुर में हरितालिका तीज का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु
और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखा और शाम को विधि-विधान से पूजन किया। नगर के प्रमुख घाटों और मंदिरों में महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। गोपीघाट, गूलर घाट, जोगियापुर और गोपाल दास जैसे स्थानों पर महिलाओं ने समूह में एकत्र होकर भगवान शिव और माता पार्वती की रेत से बनी मूर्तियों की पूजा की। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर, हाथों में मेहंदी रचाकर और 16 श्रृंगार कर पूजन किया। पूजन के दौरान तीज माता की कथा सुनी गई और भजन-कीर्तन किए गए। मान्यता है कि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। गोपीघाट पर पूजन के लिए आई एक महिला ने बताया, "यह व्रत हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम दिन भर निर्जला रहकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हैं।शहर के अन्य मंदिरों में भी तीज पूजन का आयोजन किया गया, जहां महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। शाम को पूजन के बाद महिलाओं ने अपना व्रत खोला।
और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखा और शाम को विधि-विधान से पूजन किया। नगर के प्रमुख घाटों और मंदिरों में महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। गोपीघाट, गूलर घाट, जोगियापुर और गोपाल दास जैसे स्थानों पर महिलाओं ने समूह में एकत्र होकर भगवान शिव और माता पार्वती की रेत से बनी मूर्तियों की पूजा की। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर, हाथों में मेहंदी रचाकर और 16 श्रृंगार कर पूजन किया। पूजन के दौरान तीज माता की कथा सुनी गई और भजन-कीर्तन किए गए। मान्यता है कि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। गोपीघाट पर पूजन के लिए आई एक महिला ने बताया, "यह व्रत हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम दिन भर निर्जला रहकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हैं।शहर के अन्य मंदिरों में भी तीज पूजन का आयोजन किया गया, जहां महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। शाम को पूजन के बाद महिलाओं ने अपना व्रत खोला।
