कि हम क्षत्रिय हैं इस पर हमें गर्व है मगर इससे भी ज्यादा गर्व में इस बात का है कि,हम सभी क्षत्रियों को साथ लेकर चलते हैं,त्रेता में रघुवंशी श्री रामचंद्र जी ने लंका पर फतह किया,द्वापर में श्री कृष्ण ने चंद्रवंशियों को लेकर पूरे भारत पर अधिपत्य जमाया,त्रेता में सूर्यवंशियों ने शासन किया,आधे कलयुग में अग्निवंशियों का राज रहा,अब आगे क्षत्रियों का गौरव इन्हीं बिछड़े बंधुधो पर ही निर्भर करता है,अगर सभी अगड़े-पिछड़े, भूले-बिसरे बंधुधों को एक कर लिया जाए तो पुरे भारत पर क्षत्रियों का शासन हो सकता है,इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मऊ की धरती से पधारे ठा.जितेंद्र सिंह चौहान एवं राष्ट्रीय राजपूत महासंघ के जिला अध्यक्ष जौनपुर रतन सिंह परमार,जामवंत सिंह बिसेन,शैलेंद्र सिंह बिसेन, राजकुमार सिंह चौहान,चंदन सिंह बिसेन, विजय प्रताप सिंह बिसेन,बबलू सिंह बिसेन,कुनकुन सिंह बिसेन,रोडवेज के सेवानिवृत्ति कर्मचारी हरीलाल सिंह चौहान,सिंगर सीमा सिंह चौहान, करिया सिंह बिसेन,वीरेंद्र सिंह बिसेन आदि लोग उपस्थित रहे।
अगड़े-पिछड़े,भूले-बिछड़े बंधुओं को पुनः क्षत्रिय समाज की मुख्य धारा में लाने की आवश्यकता : डा.जय सिंह राजपूत
कि हम क्षत्रिय हैं इस पर हमें गर्व है मगर इससे भी ज्यादा गर्व में इस बात का है कि,हम सभी क्षत्रियों को साथ लेकर चलते हैं,त्रेता में रघुवंशी श्री रामचंद्र जी ने लंका पर फतह किया,द्वापर में श्री कृष्ण ने चंद्रवंशियों को लेकर पूरे भारत पर अधिपत्य जमाया,त्रेता में सूर्यवंशियों ने शासन किया,आधे कलयुग में अग्निवंशियों का राज रहा,अब आगे क्षत्रियों का गौरव इन्हीं बिछड़े बंधुधो पर ही निर्भर करता है,अगर सभी अगड़े-पिछड़े, भूले-बिसरे बंधुधों को एक कर लिया जाए तो पुरे भारत पर क्षत्रियों का शासन हो सकता है,इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मऊ की धरती से पधारे ठा.जितेंद्र सिंह चौहान एवं राष्ट्रीय राजपूत महासंघ के जिला अध्यक्ष जौनपुर रतन सिंह परमार,जामवंत सिंह बिसेन,शैलेंद्र सिंह बिसेन, राजकुमार सिंह चौहान,चंदन सिंह बिसेन, विजय प्रताप सिंह बिसेन,बबलू सिंह बिसेन,कुनकुन सिंह बिसेन,रोडवेज के सेवानिवृत्ति कर्मचारी हरीलाल सिंह चौहान,सिंगर सीमा सिंह चौहान, करिया सिंह बिसेन,वीरेंद्र सिंह बिसेन आदि लोग उपस्थित रहे।