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क्षत्रिय गौरव का प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप

#प्रतापगढ़ 
प्रतापगढ़ वीरता,स्वाभिमान और क्षत्रिय गौरव का प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप प्रतापगढ़ जनपद के ग्राम सभा पूरे भुसू में क्षत्रिय  परंपरा और वीरता के इतिहास को जीवंत करने वाला एक भव्य और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला यह अवसर था,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व०ठाकुर बाबू सिंह की पुण्य स्मृति में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा के अनावरण का। इस गौरवपूर्ण कार्य को साकार करने का संकल्प लिया विजय भान सिंह राठौर और उनके विशिष्ट सहयोगी विजय बहादुर सिंह गहलोत ने,इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में परंपरा और आस्था का विशेष ध्यान रखा गया,मेवाड़ की पवित्र मिट्टी मंगाकर ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से पूजा और अर्चना की गई,ताकि उस भूमि की वीरता और ऊर्जा यहाँ भी स्थापित हो सके,जहाँ से कभी महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान और स्वतंत्रता की अमर गाथा लिखी थी,इसके बाद कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण आया,जब देश के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रमोद तिवारी के कर-कमलों द्वारा महाराणा प्रताप की इस भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया प्रतिमा के अनावरण के साथ ही पूरा वातावरण महाराणा प्रताप अमर रहें और राजपूत एकता अमर रहे के नारों से गूंज उठा,अपने संबोधन में सांसद प्रमोद तिवारी ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, स्वाभिमान और शौर्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं थे,बल्कि वे स्वतंत्रता,आत्मसम्मान और मातृभूमि के लिए संघर्ष की जीवंत मिसाल थे,इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में पधारे डा.जयसिह राजपूत जो क्षत्रिय विकास संस्था के प्रदेश प्रभारी हैं उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में क्षत्रिय महापुरुषों के इतिहास और उनके बलिदानों को भुलाने या उनका अपमान करने की कोशिशें की जा रही हैं,यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाला समय समाज के लिए बहुत ही विपरीत हो सकता है,उन्होंने आगे कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि अगड़े-पिछड़े, भूले-बिसरे सभी क्षत्रिय बंधुओं को
सम्मानपूर्वक क्षत्रिय समाज की मुख्य धारा में जोड़ा जाए,यही एकता समाज को मजबूत बनाएगी
और हमारे वीर पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाएगी,इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक सम्मानित लोग उपस्थित रहे,जिनमें प्रमुख रूप से ठा.आद्या प्रसाद सिंह,
इंजीनियर वीर बहादुर सिंह,
वीरेंद्र सिंह कोटेदार,पारसनाथ सिंह,
तेजभान सिंह राठौर,महेंद्र प्रताप सिंह बघेल,हौसला प्रसाद सिंह,
वीर सिंह,प्रदीप सिंह गहलोत,
प्रकाश सिंह गहलोत,गौरव सिंह गहलोत और क्षेत्र पंचायत सांगीपुर के प्रमुख अशोक सिंह भी शामिल रहे,कार्यक्रम का संचालन ठाकुर अर्जुन सिंह गहलोत द्वारा किया गया, अंत में विजय भान सिंह राठौर और विजय बहादुर सिंह गहलोत ने सभी उपस्थित अतिथियों और जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को, वीरता,स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने वाला एक अमर प्रतीक है।