Search This Blog

तापमान में उतार-चढ़ाव से गेंदा की खेती में भारी नुकसान, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

#Kheti गेंदा 
बीज, खाद, दवा और मजदूरी पर हजारों रुपये खर्च हुए, लेकिन अब फूल खेत में ही सड़ने की नौबत आ गई
बिजनौर: क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती करने वाले किसानों को इस बार भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा मौसम की मार, कीट रोग और बाजार में उचित दाम न मिलने के कारण किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है। कई किसानों का कहना है कि फूल तो तैयार हो गया, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे या फिर बेहद कम कीमत पर खरीद की जा रही है। किसानों के अनुसार, अचानक  तापमान में उतार-चढ़ाव से गेंदा की फसल पर कीट और फफूंद रोग का प्रकोप बढ़ गया। इससे फूलों की गुणवत्ता प्रभावित हुई और उत्पादन भी घटा। वहीं मंडियों में गेंदा फूल का भाव 3–5 रुपये प्रति किलो तक सिमट गया, जबकि लागत 10–12 रुपये प्रति किलो से अधिक बताई जा रही है। किसानों ने बताया, “बीज, खाद, दवा और मजदूरी पर हजारों रुपये खर्च हुए, लेकिन अब फूल खेत में ही सड़ने की नौबत आ गई है। सरकार से कोई ठोस मदद नहीं मिल रही।” किसानों का आरोप है कि बिचौलियों के कारण उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता। कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं, ऐसे में नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई है। प्रशासन से मांग की है कि गेंदा फूल की फसल को नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए, न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाए और मंडियों में सीधी खरीद की व्यवस्था हो। गेंदा फूल की खेती से जुड़े हजारों किसानों की आजीविका खतरे में है।