Roshan/Beer Bahadur Singh
वाराणसी। मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद घाट पर अतिक्रमण को लेकर डोम राजा परिवार ने जिला प्रशासन और नगर निगम को अल्टीमेटम दिया है कि 72 घंटे के अंदर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वह काशी में शवदाह
पूरी तरह से बंद कर देंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद ही शवदाह शुरू होगा। डोमराजा परिवार के विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि मणिकर्णिका गेट से लेकर अंतिम संस्कार स्थल तक अतिक्रमण है। डोम राजा परिवार अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अपील कर रहा है। अतिक्रमण के कारण गलियों में शवदाह करने आ रहे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हम लोग कई पीढ़ियों से शवदाह करते आ रहे हैं। कुछ लोगों ने नाजायज तरीके से मणिकर्णिका घाट पर कब्जा जमा लिया है। हमारा स्टाफ 24 घंटे दाह संस्कार करता है और हम लोग 24 घंटे रहकर दाह संस्कार कराते हैं। हमारा स्टाफ मसान में सोता था उस पर लकड़ी रखकर जबरदस्ती कब्जा किया गया है। विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि वह इस मामले में दो बार नगर आयुक्त से मिलकर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। पुलिस कमिश्नर से भी मुलाकात की थी और उनको भी लिखित प्रार्थना पत्र दिया था मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमें बस आश्वासन दिया गया है। अगर 72 घंटे के अंदर दाह संस्कार स्थल कब्जा मुक्त नहीं होगा तो हम कार्य बहिष्कार कर देंगे और दाह संस्कार करना बंद कर देंगे। जब मुख्यमंत्री यहां आएंगे तो हम लोग दाह संस्कार करेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और नगर निगम दोनों की रहेगी। प्रशासन से मांग है कि जहां पर कब्जा है उसे मुक्त कराया जाए नहीं तो 72 घंटे के बाद दाह संस्कार बंद कर देंगे। डोमराजा विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि हम लोग मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि अगर 72 घंटे के अंदर मुख्यमंत्री इसको संज्ञान में नहीं लेंगे तो हम लोग शवदाह संस्कार बंद कर देंगे। हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पर अतिक्रमण क्यों और किस परिस्थिति में हुआ, अधिकारियों को भेजकर दिखवाया जाएगा। अतिक्रमण होना ठीक नहीं है।
पूरी तरह से बंद कर देंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद ही शवदाह शुरू होगा। डोमराजा परिवार के विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि मणिकर्णिका गेट से लेकर अंतिम संस्कार स्थल तक अतिक्रमण है। डोम राजा परिवार अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अपील कर रहा है। अतिक्रमण के कारण गलियों में शवदाह करने आ रहे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हम लोग कई पीढ़ियों से शवदाह करते आ रहे हैं। कुछ लोगों ने नाजायज तरीके से मणिकर्णिका घाट पर कब्जा जमा लिया है। हमारा स्टाफ 24 घंटे दाह संस्कार करता है और हम लोग 24 घंटे रहकर दाह संस्कार कराते हैं। हमारा स्टाफ मसान में सोता था उस पर लकड़ी रखकर जबरदस्ती कब्जा किया गया है। विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि वह इस मामले में दो बार नगर आयुक्त से मिलकर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। पुलिस कमिश्नर से भी मुलाकात की थी और उनको भी लिखित प्रार्थना पत्र दिया था मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमें बस आश्वासन दिया गया है। अगर 72 घंटे के अंदर दाह संस्कार स्थल कब्जा मुक्त नहीं होगा तो हम कार्य बहिष्कार कर देंगे और दाह संस्कार करना बंद कर देंगे। जब मुख्यमंत्री यहां आएंगे तो हम लोग दाह संस्कार करेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और नगर निगम दोनों की रहेगी। प्रशासन से मांग है कि जहां पर कब्जा है उसे मुक्त कराया जाए नहीं तो 72 घंटे के बाद दाह संस्कार बंद कर देंगे। डोमराजा विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि हम लोग मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि अगर 72 घंटे के अंदर मुख्यमंत्री इसको संज्ञान में नहीं लेंगे तो हम लोग शवदाह संस्कार बंद कर देंगे। हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पर अतिक्रमण क्यों और किस परिस्थिति में हुआ, अधिकारियों को भेजकर दिखवाया जाएगा। अतिक्रमण होना ठीक नहीं है।